’कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समिति के सोच एवं उद्देश्य ’समाज के शैक्षिक विकास एवं आथिक विकास के लिए कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समिति कार्यरत है। हमारे देश में हमारे समाज के ८० फीसदी से ज्यादा लोग भूमिहीन किसान है। आज देश मे किसानों की स्थिति बहुत दयनीय है। यदि हमारे समाज के लोग जीतोड कठिन परिश्रम करते है तो न्याय यही होनी चाहिए कि इनका पेट खाली न रहे। यदि उनका पेट कठिन परिश्रम के बाद खाली रह जाता है तो जिम्मेदार व्यवस्था और समाज तथा वह व्यक्ति है। हमारे समाज के लोग छोटे से खेत के टुकडे मे कठिन परिश्रम करते है। आज कल खेती कार्य इतने महगें हो गये है कि गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है। साथ ही साथ किसान के उत्थान के लिए सरकार बहुत सारी योजनाओं को चला रही है जिसका कि फायदा हमारे समाज के बहुत कम ही किसान ले पाते हैं। समाज के लोगों को इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समिति कार्य कर रहा है लोगो को उन्नत तरीकों से खेती कराना सरकारी योजनाओं के बारे मे जानकारी देना खेती से लोगो को व्यापार व् लघु उद्योग की तरफ ले आने के लिए कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समिति कार्यरत है। आज हमारे समाज के बहुत सारे होनहार बच्चे गरीबी के कारण एवं सही मार्गदर्शन न मिलने के कारण आज के प्रतियोगी दौर से बाहर हो जाते है। योद्धा कितना भी बलशाली क्यों न हो उचित शस्त्र का ज्ञान और हथियार के बगैर किसी काम का नही होता। ठीक उसी तरह विद्यार्थी दिमाग से कितना भी तीव्र क्यों न हो बिना मार्ग

दर्शन और संसाधन के लक्ष्य तक पहुॅंच ही नही पाता है। अपने समाज के लाखों होनहार छात्रो के काबिलियत को बिना निखारे खेतो में काम करते हुए दम तोडने मत दीजिए। आइए और जुडिऐ कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समिति जागरूक सेवा से और अपने बच्चों के जरिऐ अपने पीढी को विकास के रास्ते पर अग्रसर कीजिए। संगठन मे एकता है और एकता मे पैसा। जब गाॅव शहर कस्बे में यदि कई लोग एक साथ मिलकर कार्य करते है या जब कई लोग अकेले-अकेले कार्य करते है तो सामूहिक रूप से किये गये कार्य में आय कम से कम 10 गुनी जरूर बढ जाती है। उपरोक्त सभी कार्यो को करने तथा फायदा उठाने के लिए कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समिति के सदस्य बने एवं अपने यहाॅ कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समिति की शाखा खोले। ’कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समिति जागरूक शिक्षा सेवा’ हमारे पिछडे समाज को विकसित करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि बच्चों को अच्छे क्वालिटी की शिक्षा दी जाये बच्चों का सम्पूर्ण मानसिक एवं शारीरिक विकास हो जिससे कि हमारे समाज के बच्चें हर क्षेत्र में अव्वल हो चाहें सरकार में बडे पोस्टो पर जाने की बात हो या फिर बिजनेस की बात हो लेकिन हमारे समाज में उपस्थित अत्यन्त गरीब ही सबसे बडी बिडम्बना है जिसके कारण लोगो के पास संसाधन जानकारी दोनो की कमी है जिसके के कारण पीढीयों से हमारे समाज के मेधावी छात्र भी

मजदूरी करने को विवश है।वर्तमान स्थिति एंव संसाधानों में कृषि शिक्षा एंव ग्रामीण विकास सेवा समित समाज के छात्रों के प्रतियोगी शिक्षाकी व्यवस्था गाॅवो एंव छोटे शहरों में करने जा रहे है।जिससे कि हमारे समाज के छात्रो की मानसिक क्षमता विकसित किया जा सके । कृषि शिक्षा एंव ग्रामीण विकास सेवा समित जागरूक शिक्षा के अन्र्तगत छात्रों को कम्पटीषन की तैयारी कराई जायेगी। हमारे समाज की ज्यादा जनसंख्या गाॅवों में रहती है जहाॅ पर शिक्षा का कोई स्तर नही है। वहाॅ से पढकर नौकरी हासिल करने की कोई सम्भावना ही नही है।ऐसे गाॅवों एवं शहरों तक की व्यवस्था करवाना हमारा लक्ष्य है। सभी गाॅवों कस्बो छोटे शहरों एवं शहरो के सभी पढ़े लिखे लोगो षिक्षा से जुडे लोगो ( शिक्षा मित्र सरकारी शिक्षक प्राइवेट शिक्षक टयूषन कोचिग से जुडे लोग प्रोफेषर ) नौकरी करने वाले लोग नौकरी से रिटायर लोग इत्यादि ............। आप सभी अपने समाज के लोगो में शिक्षा के प्रचार-प्रसार में भागीदार बनिए ये काम बहुत तरह की सपोर्ट चाहिए जैसे विषयों के एक्सपर्ट समाज मे बच्चों को शिक्षित करने के लिए समय देने वाले लोग अपने-अपने कार्य क्षेत्रों के बारे में जानकारी देने वाले लोग। इससे जुडने के लिए तथा इसका फायदा उठाने के लिए पहले अपना परिचय देकर कृषि शिक्षा एवं ग्रामीण विकास सेवा समित ज्वाइन करे।